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एक शिक्षाप्रद कहानी - हमें भगवान की मर्जी में खुश होना चाहिए | Motivational Story In Hindi | Gyansagar ( ज्ञानसागर )

एक शिक्षाप्रद कहानी - हमें भगवान की मर्जी में खुश होना चाहिए | Motivational Story In Hindi | Gyansagar ( ज्ञानसागर )

जब आप भगवान से शक्ति माँगते है, तब वह आपको कठनाई में डाल देता है। ताकि आपकी हिम्मत बढ़े और आप शक्तिशाली बने॥ एक गरीब माँ अपने 8 साल के बेटे को लेकर सड़क पर भीख माँग रही थी। तभी उस बच्चे की नजर पास की एक दुकान पर गई। दुकान पर नमकीन, बिस्किट और टॉफियों के बहुत सारे डब्बे रखे हुए थे। बच्चा बड़ी मासूमियत से टॉफी के डब्बो को देख रहा था, परन्तु वह टॉफी को खरीद नहीं सकता था। क्योंकि उसे पता था, कि उसकी माँ के पास इतने पैसे नहीं है, जो उसे टॉफी दिला दे।

दुकानदार ने बच्चे की मासूमियत को देखा और उसे और उसकी माँ को पास बुलाकर पूछा बेटे क्या तुम्हे टॉफी खानी है। बच्चे ने बड़े धीरे से जबाब दिया -: हां खानी है अंकल। दुकानदार ने उसकी बात सुनकर सारी टॉफियों के डब्बे खोल दिए और कहा -: बेटे तुम्हे जो भी टॉफी खानी है, तुम अपने हाथो से निकाल सकते हो। लड़का चुप खड़ा रहा और टॉफी नहीं ली। उसकी माँ और दुकानदार ने भी बहुत कहा परन्तु उसने टॉफी लेने के लिए हाथ आगे नहीं बढ़ाया।
दुकानदार को लगा लड़का शरमा रहा है। उसने अपने हाथो से टॉफी निकाली और लड़के को दी। लड़के ने दोनों हाथ फैलाकर टॉफी ली, और बहुत खुश हुआ। उसके माँ और वो टॉफी लेकर दुकान से चले गए।
जाते समय उसकी माँ ने पूछा -: जब अंकल तुमको खुद टॉफी लेने को बोल रहे थे, तब तो तुमने टॉफी नहीं ली। जब उन्होंने टॉफी दी तब तुमने दोनों हाथ फैलाकर टॉफी ले ली, ऐसा क्यों।
माँ की बात सुनकर बच्चे ने बड़ा मासूम सा जबाब दिया -: मेरा हाथ छोटा है, अगर मै टॉफ़िया लेता तो मेरे हाथ में टॉफी कम आती। अंकल का हाथ बड़ा है, उन्होंने टॉफी निकाली तो उनके हाथ में टॉफी ज्यादा आयी। जिससे मुझे ज्यादा टॉफी मिल गयी।
दोस्तों भगवान भी इसी तरह चीजो को हमें देता है। ये चीजे कभी तो हमारी सोच के अनुसार मिल जाती है, और कभी हमारी सोच से बिलकुल विपरीत मिलती है। जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की होती, लेकिन वह जो देता है, हमारे लिए वह अच्छा ही होता है। इसलिए हमें भगवान की मर्जी में खुश होना चाहिए।
क्या पता ???
किसी दिन भगवान हमे पूरा सागर देना चाहे और हम बस एक छोटी सी चम्मच लेके खड़े हो॥
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सारांश सागर

सारांश सागर द्वारा प्रकाशित किया गया

अनुभव को सारांश में बताकर स्वयं प्रेरित होकर सबको प्रेरित करना चाहता हूँ !                


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