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मूलांक 5 का विश्लेषण : ज्योतिष ज्ञानसागर | Gyansagar ( ज्ञानसागर )



जिन व्यक्ति का जन्म किसी भी महीने की 5,14,व 23 तारीख को हुआ हो उनका मूलांक 5 होता है. मूलांक 5 का मुख्य ग्रह बुध है, जो बुद्धि का प्रतीक है. इस मूलांक के व्यक्ति बहुत सचेत एवं विनोद प्रिय, झगडों से दूर रहने वाले तथा ज्ञान से पूर्ण होते हैं. मूलांक 5 के लोगों में कुछ लोग हठी स्वभाव के भी होते हैं, यह जन्म-जात भाग्यशाली होते हैं. इस मूलांक वाले व्यक्ति विलक्षण प्रतिभा और सुझबुझ वाले होते है .विचारवान ,बुद्धिमान ,विनोदप्रिय ,और भौतिक सुखों का ग्रह करने वाले होते हैं. बुध के प्रभाव के कारण इनमें तर्कशास्त्र के गुण विराजमान होते हैं यह एक सफल व्यापारी हो सकते हैं.

मूलांक पांच के स्वाभाव और गुण  

इस मूलांक वाले व्यक्तियों का बौद्धिकता के प्रति झुकाव होता है .विचारों और निर्णय लेने मे ये व्यक्ति निपुण होते है .ऐसे व्यक्ति परिश्रम करने से करने से बचते है .

1.मूलांक पांच शीघ्रता से धन कमा लेने के स्रोत खोजने का प्रयत्न करते हैं. धनोपार्जन के नये रास्ते और तरीके खोजने का प्रयास करते हैं। मूलांक 5 वालों के स्वभाव में चंचलता होती है तथा यह जल्दबाजी से कार्य करते हैं।

2.विचारो और निर्णय लेने मे ये व्यक्ति निपुण होते है .ऐसे व्यक्ति परिश्रम् पुर्ण कार्य करने से बचते है। स्वभावत: शीध्रता से धन कमा लेने के स्रोत खोजने का यत्न करते है ।

3.धनोपार्जेन के नये रास्ते और तरीके इन्हे खोजने आता है।

4.इन पर शिक्षा का कोइ प्रभाव नही पड़्ता है अगर ये अच्छे है तो अच्छे है अगर बुरे है तो बुरे है ....लोगो के कहने से ये अपना स्वाभाव नही बदलते है।

5.अपने जन्म के ग्रह के समान ही ये चंचल स्वाभाव के होते है .अत: इनके चरित्र पर भाग्य अपना कोइ भी असर नही छोड़ता है ।

6.अधिक समय तो कोइ भी कष्ट इन्हे तंग नही करता है ।

7.ये जन्म से ही जुआरी होते है स्टाक एक्सचेंज के कार्य व्यापार मे दिलचस्पी रखते है तथा जिस कार्य की जिम्मेदारी अपने उपर लेते है उसमे कोइ भी जोखिम उठाने मे तत्पर रहते है।

8.चारित्रिक लचक गजब की होती है ,किसी भी कठिनाई मे या मुसीबतभरी ज़िन्दगी से ये बहुत जल्दी उबर जाते है।

मूलांक पांच वालों के विचारों में तेजी देखी जा सकती है. इनके विचार बहुत ही द्रुतगामी होते है .निर्णय तुरंत लेते है तथा कार्य को बड़ी तेजी के साथ पूर्ण करते है।

इन्हें अधिक धन कमाने की चाह होती है तथा ऐसे कार्य करने मे विश्वास होता है जिससे धन जल्दी प्राप्त हो सके, इन्हें व्यवसाय करना अच्छा लगता है बंधी बंधाई नौकरी ओर आय इन्हें पसंद नहीं होती अत: यह बहु-व्यवसायी होते हैं व एक साथ कई कार्य करने की चाहत रखते हैं।

मूलांक पांच के व्यक्ति में कर्मठता का वास होता है यह अपना काम दूसरों पर नहीं छोड़ते इन्हें नए कार्य करने का एवं सिखने का शौक होता है. किसी भी कार्य को बहुत ही जल्दी सीख लेते है. यह कर्म तो करते है लेकिन भाग्यवादी भी होते है और भाग्य के महत्व को स्वीकार करते हैं।

बुध-ग्रह के प्रभाव स्वरूप इनमें वाक्‌पटुता एवं तर्कशक्ति अच्छी होती है इससे यह लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं।

ऐसे रोजगार की ओर उन्मुख होते हैं जिसमें कम मेहनत तथा शीघ्र सफलता से अधिक लाभ प्राप्त हो. बुध से प्रभावित जातक कुशल व्यवसायी, बुद्धिमान, विद्वान, सट्‌टेबाज तथा शीघ्र लाभ होने वाले व्यवसाय की ओर विशेष आकर्षित होते हैं।

मूलांक 5 की कमियां  

आवश्यकता से अधिक कार्य करने से इन्हें बचने का प्रयास करना चाहिए, अधिक मानसिक एवं शारीरिक श्रम करने से स्नायु दुर्बलता से पीड़ित हो सकते हैं व मूर्छा आदि रोग होने की आशंका उत्पन्न हो सकती है तथा व्यक्ति को चिड़चिडा़पन और गुस्सा अधिक आता है. बुध ग्रह स्नायु मंडल का अधिष्ठाता है और इससे प्रभावित व्यक्ति अपनी स्नायविक क्रियाओं का अधिक व्यय कर लेते हैं।

मूलांक 5 के व्यक्ति बुध की भाँति चंचल और अस्थिर प्रकृति के होते हैं. हमेशा चिंता करते हुए जीते हैं, क्रोध वाले होते है।

मूलांक पांच वालों को घर से ज्यादा बाहर रहना अधिक पसंद आता है. मूलांक 5 वाले जातक अनेक बार सत्य को जानने के बावजूद भी अपना हठ नहीं छोड़ पाते तथा झूठी कल्पना तथा चिंता करते हुए जीवन में दुखी रहते हैं।

विद्या में इनकी अच्छी रुचि होती है, परन्तु ये पूर्ण विद्या ग्रहण नहीं कर पाते या बीच में ही अध्ययन कार्य छोड़ना पड़ता है।

मूलांक पांच वाले व्यक्तियों का शरीर नाज़ुक होता है अत: अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की बहुत आवश्यकता होती है।

.स्वामी ग्रह- बुध। श्रेष्ठ प्रभाव- 21 मई से 22 जून तथा 21 अगस्त से 20 सितम्बर के मध्य उत्पन्न जातक।
श्रेष्ठ तारीखें- 5, 14, 23। उन्नत समय- 21 मई से 21 जून, 21 अगस्त से 20 सितम्बर।
निर्बल समय- मई, सितम्बर, दिसम्बर। शुभ दिन- बुध, सोम, गुरु, शुक्र।
सर्वोत्तम दिन- बुधवार। शुभ रंग- हल्का खाकी, सफेद, चमकीला, उज्ज्वल, हरा। शुभ रत्न- पन्ना। रोग- फ्लू, लू लगना, जुकाम, स्नायु निर्बलता, मस्तिष्क रोग, ब्लडप्रेशर, चर्मरोग। श्रेष्ठ वर्ष- 5, 14, 23, 32, 41, 50, 59, 68। देव- भगवान लक्ष्मीनारायण। व्रत- पूर्णिमा, रविवार। दान पदार्थ- पन्ना, स्वर्ण, मूंगा, कांस्य पात्र, हरा वस्त्र, घृत, शक्कर, कर्पूर, हाथी दांत, पंचरत्न। विवाह श्रेष्ठता- 15 अगस्त से 14 सितम्बर, 15 मार्च से 15 अप्रैल व 15 जनवरी से 14 फरवरी के मध्य जन्मे जातकों से। मित्र अंक- 1, 3, 4, 5, 7, 8। शत्रु अंक- 2, 6, 9। व्यवसाय- तार, टेलीफोन विभाग, ज्योतिष, सेल्समैन, बीमा, बैंकिंग, बजट, निर्माण, रेलवे, इंजीनियरिंग, संपादन, तम्बाकू, लेखन, पत्रकारिता, राजनीति, पुस्तक, ट्रांसपोर्ट, पर्यटन आदि। अनुकूल दिशा- उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम। अशुभ दिशा- दक्षिण-पश्चिम। धातु- सुवर्ण, प्लेटिनम।

मूलांक 5 में जन्मे कुछ प्रसिद्ध व्यक्ति 

अलबर्ट आइन्स्टीन (प्रसिद्ध वैज्ञानिक व आविष्कारक) 15 मार्च
विलियम शेक्स्पीअर (प्रसिद्ध लेकक व नाटककार) 23 अप्रैल
कार्ल मार्क्स (प्रसिद्ध अर्थशास्त्री व विचारक) 5 मई
नेता जी सुभाषचन्द्र बोस (महान क्रांतिकारी व जननायक) 23 जनवरी
चन्द्रशेकर आजाद (महान क्रन्तिकारी) 23 जुलाई
अभिषेक बच्चन (हिंदी फिल्म अभिनेता) 5 फरवरी


उप्पर लिखित जानकारी अनुभवी ज्योतिषियों के शोध का परिणाम है ! ये लेखनी ज्ञान के प्रचार प्रसार के उद्देश्य से यहाँ प्रकाशित की गयी है ! इस जानकारी के प्रमाणिकता का दावा वेबसाइट य प्रकाशक कोई भी नही करता !! ज्योतिष के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से ही सर्वहित के लिए इसे प्रकाशित किया गया है ! 



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