स्वच्छता नही है कोई अभियान, ये है मनुष्य का गुण और व्यवहार- स्वयं के अनुभव के आधार पर स्वरचित कविता | Gyansagar ( ज्ञानसागर )

आज तमाम नेता और समाज सेवा के नाम पर प्रचार करने वाले कुछ लोग शौक और लोकप्रियता के लिए झाड़ू उठाते फिर रहे है ! […]

पढ़ ले भाई, अब वक़्त हो गया – होस्टल में रहने वाले छात्रों को प्रेरित करती कविता | Gyansagar ( ज्ञानसागर )

पढ़ ले भाई, अब वक़्त हो गया रोयेगा फिर नही तो कहेगा ये क्यों,क्या और कब हो गया ? बन्द कर दे ये आलसपना,नही तो […]

एक प्रेरणादायक कविता – आओ स्वच्छ करें निर्मल भारत | Gyansagar ( ज्ञानसागर )

आओ स्वच्छ करें निर्मल भारत नदी-नालों में अविरल जल की फिर से धार बहे सुरमय, गली-बगीचे मुग्ध दिखें और पुष्प खिलें सुंदर तनमय, हर नारी […]

एक प्रेरणादायक कविता – बेटी की पुकार ( पर जन्म से पहले न देना मार ) | Gyansagar ( ज्ञानसागर )

बेटी की पुकार  ( पर जन्म से पहले न देना मार ) जो देते हो औरों को प्यार छीन ना लेना, मुझसे मेरा अधिकार चाहे […]

एक भावनापूर्ण कविता – प्यार है य दोस्ती ये बता न सके | Gyansagar ( ज्ञानसागर )

   प्रस्तुत कविता रौशनी कुमारी द्वारा रचित है जो ( खोड़ा ) गाजियाबाद क्षेत्र की निवासी है व् राजकीय डिग्री कॉलेज की छात्रा व् सामाजिक […]

एक सुंदर कविता – माँ है वो मेरी ( माँ को समर्पित एक मधुरमय कविता ) | Gyansagar ( ज्ञानसागर )

माँ है वो मेरी। मुझको जग में लाने वाली ममतामयी है माँ मेरी।कैसे करू मै उसकी सेवा ये समझ आता नहीं।अपने ममता के स्पर्श से […]

धन्य हुई जो आपके मैंने सानिध्य में ज्ञान पाया है !! | Gyansagar ( ज्ञानसागर )

ये कविता उन सभी लोगों को समर्पित है जिन्होंने मेरे जीवन में एक शिक्षक,गुरु की भांति मेरा मार्ग दर्शन किया है !! उनमे मेरे माता-पिता,मेरे […]