एक सामाजिक चिंतन – जातिवाद की आड़ लेकर फूट | Gyansagar ( ज्ञानसागर )

बनिया कंजूस होता है, नाई चतुर होता है, ब्राह्मण धर्म के नाम पे बेबकूफ बनाता है, राजपूत अत्याचारी होते हैं, चमार गंदे होते हैं, जाट […]