एक सामाजिक चिन्तन – अपराध का मूल कारण हमारी इच्छाओं और मान्यता का होना है | Gyansagar ( ज्ञानसागर )

नमस्कार पाठको ! बीते दिनों काफी दिनों से परेशान और व्यथित था ! कहीं न कहीं समाज की मान्यताओं को मै भी मानने लगा था […]