एक सामाजिक चिंतन - अगली बार गुटखा थूकने से पहले सोच जरुर ले ! | Gyansagar ( ज्ञानसागर )

एक सामाजिक चिंतन - अगली बार गुटखा थूकने से पहले सोच जरुर ले ! | Gyansagar ( ज्ञानसागर )

वैसे तो ये तस्वीर ही पर्याप्त है सभी गुटखा ,पान मसाला थूकने वालों के लिए लेकिन इस पर लिखना इसीलिए आवश्यक हो गया है क्योंकि अपने नशे की लत से ऐसे मादक पदार्थ खाकर आम लाचार इंसान खासकर भारत के दिल्ली-नॉएडा जैसे शहरों में कहीं भी थूकता रहता है ! क्योंकि उसे थूकने की आजादी है , एक आजाद देश की आजादी जहाँ वो रोड पर, मेट्रो से उतरते चढ़ते वक्त और स्टेशन के प्लेटफार्म पर मुंह फाड़कर थूकता रहता है !! इस तस्वीर में आप देख सकते है कि वृद्ध महिला रोजगार के लिए अपने स्वाभिमान के खातिर अपने श्रम से ऐसा कार्य कर रही है जो इनके लिए आत्म-सम्मान की तो बात है ही साथ ही साथ अन्य के लिए सबक और प्रेरणा की बात है !! हम और आप जिस काम को नही करना पसंद करेंगे वो ये वृद्ध महिला अपने आय के स्रोत का माध्यम बनाकर कर रही है !! और य तो हम खुद य हमारे जान-पहचान में ऐसे कई लोग होंगे जो सरेआम कहीं भी गुटखा-पान-मसाला थूककर अपना ध्यान एकाग्र करने की कोशिश करते है !! खैर इस तस्वीर ने काफी लोगो को झंकझोर दिया है और अंतर्मन में कई लोगो को ग्लानि भी हुयी है क्योंकि कई थूकने वालो की माँ भी लगभग इसी उम्र की है और करुणा,दया,ममता तो मनुष्य की प्रकृति ही है ऐसे में शायद ही कोई होगा जिसका हृदय द्रवित न हुआ हो !! फिर भी जिसने इस तस्वीर और अपने बेवजह कई भी थूककर जगह को गंदा करने की आदत है उनमे ये शेयर जरुर करे ताकि उन्हें अहसास हो सके कि बेजवह थूकने के कारण कोई माँ उसे अपने हाथो से साफ कर रही हो जिसका पाप आप ले रहे हो !!!!

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