🌞दैनिक पंचांग🌞
🌥️दिनांक - 17 फरवरी 2026
🌥️दिन - मंगलवार
🌥️विक्रम संवत् - 2082
🌥️संवत्सर - विश्वावसु
🌥️अयन - उत्तरायण
🌥️ऋतु - शिशिर
🌥️मास - फाल्गुन
🌥️पक्ष - कृष्ण
🌥️सूर्य राशि - कुम्भ
🌥️चंद्र राशि - मकर प्रातः 09:05 तक तद्पश्चात कुम्भ
🌥️सूर्योदय - 06:50
🌥️सूर्यास्त - 06:17 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त नर्मदापुरम मानक
समयानुसार)
🌥️तिथि - अमावास्या सायं 05:30 तक तद्पश्चात प्रतिपदा
🌥️नक्षत्र - धनिष्ठा रात्रि 09:16 तक तद्पश्चात शतिभिषा
🌥️योग - परिघ रात्रि 12:29 फरवरी 17 तक तद्पश्चात शिव
🌥️राहुकाल - दिन 03:25 से दिन 04:51 तक (नर्मदापुरम मानक
समयानुसार)
🌥️ पंचक - प्रातः 09:05 से 21 फरवरी रात्रि 07:07 तक
🌥️ सूर्यग्रहण - यह सूर्य ग्रहण भारत, श्रीलंका, नेपाल,
अफगानिस्तान, म्यान्मार, संयुक्त अरब अमीरात तथा अन्य एशियाई
देशों से दिखायी नहीं देगा।
यह सूर्य ग्रहण - दक्षिणी अमेरिका, अन्टार्कटिका, दक्षिणी
महासागर, दक्षिण अटलान्टिक महासागर, दक्षिणी प्रशान्त महासागर
में दिखाई देगा।
🌥️दिशा शूल 👉🏻 उत्तर दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 पाताल - अशुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 दक्षिण, पश्चिम
🌥️शिववास: 👉🏻 गौरी साथ - शुभ सायं 05:30 तक तद्पश्चात श्मशान
में - मृत्युकारक
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:09 से प्रातः 06:00 तक
(नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️अभिजीत मुहूर्त - दिन 12:10 से दिन 12:56 तक (नर्मदापुरम
मानक समयानुसार)
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:08 फरवरी 18 से रात्रि 12:58
फरवरी 18 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
⛅व्रत, पर्व आदि विवरण - पंचक, सूर्य ग्रहण, अन्वाधान, दर्श
अमावस्या, फाल्गुन अमावस्या
🔻पद, चरण🔻
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)
2 गी → धनिष्ठा
09:05 AM तक
3 गु →धनिष्ठा
03:11 PM तक
4 गे →धनिष्ठा
09:16 PM तक
1 गो →शतभिष
03:18 AM फरवरी 18 तक
🔶चोघडिया, दिन🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
रोग 06:59 से 08:25 तक अशुभ
उद्वेग 08:25 से 09:50 तक अशुभ
चर 09:50 से 11:16 तक शुभ
लाभ 11:16 से 12:41 तक शुभ
अमृत 12:41 से 14:07 तक शुभ
काल 14:07 से 15:32 तक अशुभ
शुभ 15:32 से 16:57 तक शुभ
रोग 16:57 से 18:23 तक अशुभ
🔶चोघडिया, रात🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
काल 18:23 से 19:57 तक अशुभ
लाभ 19:57 से 21:32 तक शुभ
उद्वेग 21:32 से 23:06 तक अशुभ
शुभ 23:06 से 24:41 तक शुभ
अमृत 24:41 से 26:15 तक शुभ
चर 26:15 से 27:50 तक शुभ
रोग 27:50 से 29:24 तक अशुभ
काल 29:24 से 30:59 तक अशुभ
🌥️विशेष - अमावास्या के दिन स्त्री - सहवास तथा तिल का तेल
खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड:
27.29-34)
पञ्चाङ्ग निर्माता
पं. श्री दीपेश शास्त्री जी
वेद, पुराण एवं शास्त्रोक्त किसी भी प्रकार की समस्या के
निदान हेतु अथवा परामर्श हेतु सम्पर्क करें।

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