Aaj Ka Panchang | Aaj Ki Tithi | आज का पंचांग | आज की तिथि | 2nd February 2026

Aaj Ka Panchang | Aaj Ki Tithi | आज का पंचांग | आज की तिथि |  2nd February 2026


🌞दैनिक पंचांग🌞

🌥️दिनांक - 02 फरवरी 2026 🌥️दिन - सोमवार 🌥️विक्रम संवत् - 2082 🌥️संवत्सर - विश्वावसु 🌥️अयन - उत्तरायण 🌥️ऋतु - शिशिर 🌥️मास - फाल्गुन 🌥️पक्ष - कृष्ण 🌥️सूर्य राशि - मकर 🌥️चंद्र राशि - कर्क रात्रि 10:47 तक तद्पश्चात सिंह 🌥️सूर्योदय - 06:58 🌥️सूर्यास्त - 06:08 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार) 🌥️तिथि - प्रतिपदा रात्रि 01:52 फरवरी 03 तक तद्पश्चात द्वितीया 🌥️नक्षत्र - आश्लेषा रात्रि 10:47 तक तद्पश्चात मघा 🌥️योग - आयुष्मान प्रातः 07:21 तक तद्पश्चात सौभाग्य 🌥️राहुकाल - प्रातः 08:22 से प्रातः 09:46 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार) 🌥️ गण्ड मूल👉🏻 अहोरात्रि (पूर्ण दिन रात) 🌥️दिशा शूल 👉🏻 पूर्व दिशा में 🌥️अग्निवास: 👉🏻 पृथ्वी - शुभ 🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 उत्तर 🌥️शिववास: 👉🏻 गौरी के साथ - शुभ रात्रि 01:52 फरवरी 03 तक तद्पश्चात सभा में - कष्टकारक 🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:15 से प्रातः 06:07 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार) 🌥️अभिजीत मुहूर्त - दिन 12:11 से दिन 12:55 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार) 🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:07 फरवरी 03 से रात्रि 12:58 फरवरी 03 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार) 🌥️व्रत/पर्व विवरण - गण्ड मूल, फाल्गुन प्रारम्भ 🔻पद, चरण🔻 (नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक) 2 डू →आश्लेषा 11:19 AM तक 3 डे →आश्लेषा 17:02 PM तक 4 डो→आश्लेषा 22:47 PM तक 1 मा→मघा 28:35 AM फरवरी 03 तक 🔶चोघडिया, दिन🔶 (शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी) अमृत 07:08 से 08:31 तक शुभ काल 08:31 से 09:54 तक अशुभ शुभ 09:54 से 11:18 तक शुभ रोग 11:18 से 12:41 तक अशुभ उद्वेग 12:41 से 14:04 तक अशुभ चर 14:04 से 15:27 तक शुभ लाभ 15:27 से 16:50 तक शुभ अमृत 16:50 से 18:14 तक शुभ 🔶चोघडिया, रात🔶 (शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी) चर 18:14 से 19:50 तक शुभ रोग 19:50 से 21:27 तक अशुभ काल 21:27 से 23:04 तक अशुभ लाभ 23:04 से 24:41 तक शुभ उद्वेग 24:41 से 26:17 तक अशुभ शुभ 26:17 से 27:54 तक शुभ अमृत 27:54 से 29:31 तक शुभ चर 29:31 से 31:07 तक शुभ 🌥️विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा या पेठा) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)

विशेष - पूर्णिमा के दिन स्त्री - सहवास तथा तिल का तेल खाना लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)

पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी

वेद, पुराण एवं शास्त्रोक्त किसी भी प्रकार की समस्या के निदान हेतु अथवा परामर्श हेतु सम्पर्क करें।



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