Aaj Ka Panchang | Aaj Ki Tithi | आज का पंचांग | आज की तिथि | 8th February 2026

Aaj Ka Panchang | Aaj Ki Tithi | आज का पंचांग | आज की तिथि | 8th February 2026


🌞दैनिक पंचांग🌞

🌥️दिनांक - 08 फरवरी 2026
🌥️दिन - रविवार
🌥️विक्रम संवत् - 2082
🌥️संवत्सर - विश्वावसु
🌥️अयन - उत्तरायण
🌥️ऋतु - शिशिर
🌥️मास - फाल्गुन
🌥️पक्ष - कृष्ण
🌥️सूर्य राशि - मकर
🌥️चंद्र राशि - तुला
🌥️सूर्योदय - 06:55
🌥️सूर्यास्त - 06:11 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️तिथि - सप्तमी प्रातः 05:01 फरवरी 09 तक तद्पश्चात अष्टमी
🌥️नक्षत्र - स्वाती प्रातः 05:02 फरवरी 09 तक तद्पश्चात विशाखा
🌥️योग - गण्ड रात्रि 12:08 फरवरी 09 तक तद्पश्चात वृद्धि
🌥️राहुकाल - सायं 04:47 से सायं 06:11 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️भद्रावास 👉🏻 पाताल - प्रातः 06:55 से दिन 03:54 तक
🌥️दिशा शूल 👉🏻 पश्चिम दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 पृथ्वी - शुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 पश्चिम
🌥️शिववास: 👉🏻 श्मशान में - मृत्युकारक प्रातः 05:01 फरवरी 09 तक तद्पश्चात गौरी के साथ - शुभ
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:13 से प्रातः 06:04 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️अभिजीत मुहूर्त - दिन 12:11 से दिन 12:56 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:08 फरवरी 09 से रात्रि 12:59 फरवरी 09 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️व्रत पर्व विवरण - भद्रा, रवि योग, भानु सप्तमी, शबरी जयंती

🔻पद, चरण🔻 
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)

1 रू→स्वाति 09:04 AM तक
2 रे →स्वाति 03:42 PM तक
3 रो →स्वाति 10:21 PM तक
4 ता→स्वाति 05:02 AM फरवरी 09 तक

🔶चोघडिया, दिन🔶 
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)

उद्वेग 07:05 से 08:29 तक अशुभ
चर 08:29 से 09:53 तक शुभ
लाभ 09:53 से 11:17 तक शुभ
अमृत 11:17 से 12:41 तक शुभ
काल 12:41 से 14:05 तक अशुभ
शुभ 14:05 से 15:29 तक शुभ
रोग 15:29 से 16:53 तक अशुभ
उद्वेग 16:53 से 18:18 तक अशुभ

🔶चोघडिया, रात🔶 
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)

शुभ 18:18 से 19:53 तक शुभ
अमृत 19:53 से 21:29 तक शुभ
चर 21:29 से 23:05 तक शुभ
रोग 23:05 से 24:41 तक अशुभ
काल 24:41 से 26:17 तक अशुभ
लाभ 26:17 से 27:53 तक शुभ
उद्वेग 27:53 से 29:29 तक अशुभ
शुभ 29:29 से 31:04 तक शुभ

🌥️विशेष - सप्तमी को ताड़ फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)

पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी

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