Aaj Ka Panchang | Aaj Ki Tithi | आज का पंचांग | आज की तिथि | 10th March 2026

Aaj Ka Panchang | Aaj Ki Tithi | आज का पंचांग | आज की तिथि | 10th March 2026


🌞दैनिक पंचांग🌞

🌥️दिनांक - 10 मार्च 2026
🌥️दिन - मंगलवार
🌥️विक्रम संवत् - 2082
🌥️संवत्सर - विश्वावसु
🌥️अयन - उत्तरायण
🌥️ऋतु - शिशिर
🌥️मास - चैत्र
🌥️पक्ष - कृष्ण
🌥️सूर्य राशि - कुम्भ
🌥️चंद्र राशि - वृश्चिक
🌥️सूर्योदय - 06:33
🌥️सूर्यास्त - 06:26 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️तिथि - सप्तमी रात्रि 01:54 मार्च 11 तक तद्पश्चात अष्टमी
🌥️नक्षत्र - अनुराधा सायं 07:05 तक तद्पश्चात ज्येष्ठा
🌥️योग - हर्षण प्रातः 08:21 तक तद्पश्चात वज्र
🌥️राहुकाल - दिन 03:28 से दिन 04:57 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️ भद्रावास- स्वर्ग में- दोपहर 12:40 तक
🌥️ विंछुड़ो - (अहोरात्रि) 11 मार्च रात्रि 10:00 तक
🌥️ गण्ड मूल - सायं 07:05 से मार्च 13 रात्रि 12:43 तक
🌥️दिशा शूल 👉🏻 उत्तर दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 पाताल - अशुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 उत्तर
🌥️शिववास: 👉🏻 श्मशान में - मृत्युकारक रात्रि 01:54 मार्च 11 तक तद्पश्चात गौरी के साथ - शुभ
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:56 से प्रातः 05:44 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️अभिजीत मुहूर्त - दिन 12:06 से 12:53 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:05 मार्च 11 से रात्रि 12:53 मार्च 11 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)

⛅व्रत, पर्व आदि विवरण - भद्रा, विंछुड़ो, गण्ड मूल, शीतल सप्तमी

🔻पद, चरण🔻 
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)

3 नू→ अनुराधा 12:21 PM तक
4 ने→ अनुराधा 07:05 PM तक
1 नो→ज्येष्ठा 01:49 AM मार्च 11 तक

🔶चोघडिया, दिन🔶 
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)

रोग 06:42 से 08:11 तक अशुभ
उद्वेग 08:11 से 09:40 तक अशुभ
चर 09:40 से 11:08 तक शुभ
लाभ 11:08 से 12:37 तक शुभ
अमृत 12:37 से 14:06 तक शुभ
काल 14:06 से 15:35 तक अशुभ
शुभ 15:35 से 17:04 तक शुभ
रोग 17:04 से 18:33 तक अशुभ

🔶चोघडिया, रात🔶 
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)

काल 18:33 से 20:04 तक अशुभ
लाभ 20:04 से 21:35 तक शुभ
उद्वेग 21:35 से 23:06 तक अशुभ
शुभ 23:06 से 24:37 तक शुभ
अमृत 24:37 से 26:08 तक शुभ
चर 26:08 से 27:39 तक शुभ
रोग 27:39 से 29:10 तक अशुभ
काल 29:10 से 30:41 तक अशुभ

🌥️विशेष - सप्तमी को ताड़ फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)

पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी

वेद, पुराण एवं शास्त्रोक्त किसी भी प्रकार की समस्या के निदान हेतु अथवा परामर्श हेतु सम्पर्क करें।



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