Aaj Ka Panchang | Aaj Ki Tithi | आज का पंचांग | आज की तिथि | 11th March 2026

Aaj Ka Panchang | Aaj Ki Tithi | आज का पंचांग | आज की तिथि | 11th March 2026


🌞दैनिक पंचांग🌞

🌥️दिनांक - 11 मार्च 2026
🌥️दिन - बुधवार
🌥️विक्रम संवत् - 2082
🌥️संवत्सर - विश्वावसु
🌥️अयन - उत्तरायण
🌥️ऋतु - शिशिर
🌥️मास - चैत्र
🌥️पक्ष - कृष्ण
🌥️सूर्य राशि - कुम्भ
🌥️चंद्र राशि - वृश्चिक रात्रि 10:00 तक तद्पश्चात धनु
🌥️सूर्योदय - 06:32
🌥️सूर्यास्त - 06:27 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️तिथि - अष्टमी रात्रि 04:19 मार्च 12 तक तद्पश्चात नवमी
🌥️नक्षत्र - ज्येष्ठा रात्रि 10:00 तक तद्पश्चात मूल
🌥️योग - वज्र प्रातः 09:12 तक तद्पश्चात सिद्धि
🌥️राहुकाल - दिन 12:29 से दिन 01:59 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️ विंछुड़ो -  रात्रि 10:00 तक
🌥️ गण्ड मूल - (अहोरात्रि) मार्च 13 रात्रि 12:43 तक
🌥️दिशा शूल 👉🏻 उत्तर दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 पृथ्वी - शुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 उत्तर
🌥️शिववास: 👉🏻 गौरी के साथ - शुभ रात्रि 04:19 मार्च 12 तक तद्पश्चात सभा में - कष्टकारक
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:55 से प्रातः 05:43 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️अभिजीत मुहूर्त - आज कोई नहीं
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:05 मार्च 12 से रात्रि 12:53 मार्च 12 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)

⛅व्रत, पर्व आदि विवरण - विंछुड़ो, गण्ड मूल, शीतला अष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी, कालाष्टमी, वर्षी तप आरम्भ

🔻पद, चरण🔻 
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)

2 या→ ज्येष्ठा 08:33 AM तक
3 यी→ ज्येष्ठा 03:17 PM तक
4 यू→   ज्येष्ठा 10:00 PM तक
1 ये→   मूल 04:42 AM मार्च 12 तक

🔶चोघडिया, दिन🔶 
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)

लाभ 06:41 से 08:10 तक शुभ
अमृत 08:10 से 09:39 तक शुभ
काल 09:39 से 11:08 तक अशुभ
शुभ 11:08 से 12:37 तक शुभ
रोग 12:37 से 14:06 तक अशुभ
उद्वेग 14:06 से 15:35 तक अशुभ
चर 15:35 से 17:04 तक शुभ
लाभ 17:04 से 18:33 तक शुभ

🔶चोघडिया, रात🔶 
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)

उद्वेग 18:33 से 20:04 तक अशुभ
शुभ 20:04 से 21:35 तक शुभ
अमृत 21:35 से 23:06 तक शुभ
चर 23:06 से 24:37 तक शुभ
रोग 24:37 से 26:07 तक अशुभ
काल 26:07 से 27:38 तक अशुभ
लाभ 27:38 से 29:09 तक शुभ
उद्वेग 29:09 से 30:40 तक अशुभ

🌥️विशेष - अष्टमी को नारियल फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)

पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी

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