🌞दैनिक पंचांग🌞
🌥️दिनांक - 19 मार्च 2026
🌥️दिन - गुरुवार
🌥️विक्रम संवत् - 2083
🌥️संवत्सर - विश्वावसु
🌥️अयन - उत्तरायण
🌥️ऋतु - बसंत
🌥️मास - चैत्र
🌥️पक्ष - कृष्ण
🌥️सूर्य राशि - मीन
🌥️चंद्र राशि - मीन
🌥️सूर्योदय - 06:24
🌥️सूर्यास्त - 06:30 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️तिथि - अमावस्या प्रातः 06:52 तक तद्पश्चात प्रतिपदा प्रातः 04:52 मार्च 20 तक तद्पश्चात द्वितीया
🌥️नक्षत्र - उत्तराभाद्रपदा प्रातः 04:05 मार्च 20 तक तद्पश्चात रेवती
🌥️योग - शुक्ल प्रातः 04:05 मार्च 20 तक तद्पश्चात ब्रह्म
🌥️राहुकाल - दिन 01:58 से दिन 03:28 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️ पंचक 👉🏻 (अहोरात्र) रात्रि 02:27 मार्च 21 तक
🌥️ गण्डमूल👉🏻 20 मार्च प्रातः 04:05 दिन शुक्रवार से रात्रि 12:37 मार्च 22 दिन रविवार तक
🌥️ सर्वार्थसिद्धि योग👉🏻 मार्च 20 प्रातः 04:05 से प्रातः 06:23 मार्च 20 तक
🌥️दिशा शूल 👉🏻 दक्षिण दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 पृथ्वी - शुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 उत्तर
🌥️शिववास: 👉🏻 गौरी के साथ - शुभ प्रातः 06:52 तक तद्पश्चात श्मशान में - मृत्युकारक प्रातः 04:52 मार्च 20 तक तद्पश्चात गौरी के साथ - शुभ
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:49 से प्रातः 05:37 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️अभिजीत मुहूर्त - दिन 12:03 से दिन 12:51 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:03 मार्च 20 से रात्रि 12:50 मार्च 20 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
⛅व्रत, पर्व आदि विवरण - पंचक, स्न.दा.अमावस्या, गण्डमूल, सर्वार्थसिद्धि योग, गुड़ी पड़वा, चैत्र नवरात्रि प्रारम्भ, (हिन्दू) विक्रम नव वर्ष प्रारम्भ
🔻पद, चरण🔻
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)
1 दू→ उत्तरभाद्रपदा 11:04 AM तक
2 थ→ उत्तरभाद्रपदा 04:46 PM तक
3 झ→ उत्तरभाद्रपदा 10:26 PM तक
4 ञ →उत्तरभाद्रपदा 04:05 AM मार्च 20 तक
🔶चोघडिया, दिन🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
शुभ 06:33 से 08:04 तक शुभ
रोग 08:04 से 09:34 तक अशुभ
उद्वेग 09:34 से 11:04 तक अशुभ
चर 11:04 से 12:35 तक शुभ
लाभ 12:35 से 14:05 तक शुभ
अमृत 14:05 से 15:36 तक शुभ
काल 15:36 से 17:06 तक अशुभ
शुभ 17:06 से 18:36 तक शुभ
🔶चोघडिया, रात🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
अमृत 18:36 से 20:06 तक शुभ
चर 20:06 से 21:35 तक शुभ
रोग 21:35 से 23:05 तक अशुभ
काल 23:05 से 24:34 तक अशुभ
लाभ 24:34 से 26:04 तक शुभ
उद्वेग 26:04 से 27:33 तक अशुभ
शुभ 27:33 से 29:03 तक शुभ
अमत 29:03 से 30:32 तक शुभ
🌥️विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाएं क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी
वेद, पुराण एवं शास्त्रोक्त किसी भी प्रकार की समस्या के निदान हेतु अथवा परामर्श हेतु सम्पर्क करें।

Post a Comment