🌞दैनिक पंचांग🌞
🌥️दिनांक - 02 मार्च 2026
🌥️दिन - सोमवार
🌥️विक्रम संवत् - 2082
🌥️संवत्सर - विश्वावसु
🌥️अयन - उत्तरायण
🌥️ऋतु - शिशिर
🌥️मास - फाल्गुन
🌥️पक्ष - शुक्ल
🌥️सूर्य राशि - कुम्भ
🌥️चंद्र राशि - कर्क सुबह 07:51 तक तद्पश्चात सिंह
🌥️सूर्योदय - 06:40
🌥️सूर्यास्त - 06:23 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️तिथि - चतुर्दशी सायं 05:55 तक तद्पश्चात पूर्णिमा
🌥️नक्षत्र - आश्लेषा प्रातः 07:51 तक तद्पश्चात मघा
🌥️योग - अतिगण्ड दिन 12:19 तक तद्पश्चात सुकर्मा
🌥️राहुकाल - सुबह 08:08 से सुबह 09:36 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️ गण्डमूल - (अहोरात्रि) 03 मार्च मंगलवार प्रातः 07:31 तक
🌥️ भद्रा वास - मृत्यु - सायं 05:55 से प्रातः 05:28 मार्च 03 तक
🌥️ होलिका दहन मुहूर्त - रात्रि 01:25 मार्च 03 से रात्रि 02:37 मार्च 03 तक
🌥️दिशा शूल 👉🏻 पूर्व दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 आकाश- अशुभ सायं 05:55 तक तद्पश्चात पाताल - अशुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 पूर्व
🌥️शिववास: 👉🏻 भोजन में - पीणा सायं 05:55 तद्पश्चात श्मशान में - मृत्युकारक
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:02 से प्रातः 05:51 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️अभिजीत मुहूर्त - दिन 12:08 से दिन 12:55 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:06 मार्च 03 से रात्रि 12:55 मार्च 03 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
⛅व्रत, पर्व आदि विवरण - गण्डमूल, भद्रा, रवि योग, फाल्गुनी चौमासी, चौदस, होलिका दहन
🔻पद, चरण🔻
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)
4 डो→ आश्लेषा 07:51 AM तक
1 मा→ मघा 01:44 PM तक
2 मी→ मघा 07:38 PM तक
3 मू→ मघा 01:34 AM मार्च 03 तक
🔶चोघडिया, दिन🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
अमृत 06:49 से 08:17 तक शुभ
काल 08:17 से 09:44 तक अशुभ
शुभ 09:44 से 11:12 तक शुभ
रोग 11:12 से 12:39 तक अशुभ
उद्वेग 12:39 से 14:07 तक अशुभ
चर 14:07 से 15:34 तक शुभ
लाभ 15:34 से 17:02 तक शुभ
अमृत 17:02 से 18:29 तक शुभ
🔶चोघडिया, रात🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
चर 18:29 से 20:02 तक शुभ
रोग 20:02 से 21:34 तक अशुभ
काल 21:34 से 23:06 तक अशुभ
लाभ 23:06 से 24:39 तक शुभ
उद्वेग 24:39 से 26:11 तक अशुभ
शुभ 26:11 से 27:43 तक शुभ
अमृत 27:43 से 29:16 तक शुभ
चर 29:16 से 30:48 तक शुभ
🌥️विशेष - चतुर्दशी के दिन स्त्री - सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी
वेद, पुराण एवं शास्त्रोक्त किसी भी प्रकार की समस्या के निदान हेतु अथवा परामर्श हेतु सम्पर्क करें।

Post a Comment