🌞दैनिक पंचांग🌞
दिनांक - 28 अप्रैल 2026
🌥️ दिन - मंगलवार
🌥️ विक्रम संवत् - 2083
🌥️ संवत्सर - विश्वावसु
🌥️ अयन - उत्तरायण
🌥️ ऋतु - ग्रीष्म
🌥️ मास - वैशाख
🌥️ पक्ष - शुक्ल
🌥️ सूर्य राशि - मेष
🌥️ चंद्र राशि - कन्या
🌥️ सूर्योदय - 05:49
🌥️ सूर्यास्त - 06:45
(समस्त मूहुर्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️तिथि - द्वादशी सायं 06:51 तक तद्पश्चात त्रयोदशी
🌥️नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी रात्रि 10:36 तक तद्पश्चात हस्त
🌥️योग - व्याघात रात्रि 09:04 तक तद्पश्चात हर्षण
🌥️राहुकाल - दिन 03:31 से दिन 05:08 तक
🌥️त्रिपुष्कर योग👉🏻 प्रातः 05:49 से सायं 06:51 तक
🌥️दिशा शूल 👉🏻 उत्तर दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 पृथ्वी - शुभ सायं 06:51 तक तद्पश्चात आकाश- अशुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 दक्षिण
🌥️शिववास: 👉🏻 कैलाश पर - सौख्य सायं 06:51 तक तद्पश्चात नंदी पर - अभिष्टसिद्धि
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:20 से प्रातः 05:04 तक
🌥️अभिजीत मुहूर्त - दिन 11:51 से दिन 12:43 तक
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:54 से रात्रि 12:38 अप्रैल 29 तक
⛅व्रत,पर्व आदि विवरण- त्रिपुष्कर योग, मोहिनी एकादशी पारण, परशुराम द्वादशी, प्रदोष व्रत
🔻पद, चरण🔻
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)
2 टो→ उत्तर फाल्गुनी 09:54 AM तक
3 पा→ उत्तर फाल्गुनी 04:14 PM तक
4 पी→ उत्तर फाल्गुनी 10:36 PM तक
1 पू→ हस्त 04:59 AM अप्रैल 29 तक
🔶 चौघड़िया, दिन 🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
रोग 05:49 से 07:26 तक अमंगल
उद्वेग 07:26 से 09:03 तक अशुभ
चर 09:03 से 10:40 तक सामान्य
लाभ 10:40 से 12:17 तक उन्नति
अमृत 12:17 से 01:54 तक सर्वोत्तम
काल 01:54 से 03:31 तक हानि
शुभ 03:31 से 05:08 तक उत्तम
रोग 05:08 से 06:45 तक अमंगल
🔶 चौघड़िया, रात 🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
काल 06:45 से 08:08 तक हानि
लाभ 08:08 से 09:31 तक उन्नति
उद्वेग 09:31 से 10:53 तक अशुभ
शुभ 10:53 से 12:16 तक उत्तम
अमृत 12:16 से 01:39 तक सर्वोत्तम
चर 01:39 से 03:02 तक सामान्य
रोग 03:02 से 04:25 तक अमंगल
काल 04:25 से 05:48 तक हानि
🌥️विशेष - द्वादशी को पूतिका (पोई) का शाक खाना वर्जित है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी
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