Aaj Ka Panchang | Aaj Ki Tithi | आज का पंचांग | आज की तिथि | 16th May 2026

Aaj Ka Panchang | Aaj Ki Tithi | आज का पंचांग | आज की तिथि | 16th May 2026


🌞दैनिक पंचांग🌞

 🌥️ दिनांक - 16 मई 2026
🌥️ दिन - शनिवार
🌥️ विक्रम संवत् - 2083
🌥️ संवत्सर - विश्वावसु
🌥️ अयन - उत्तरायण
🌥️ ऋतु - ग्रीष्म
🌥️ मास - ज्येष्ठ
🌥️ पक्ष - कृष्ण
🌥️ सूर्य राशि - वृषभ
🌥️ चंद्र राशि - मेष रात्रि 10:46 तक तद्पश्चात वृषभ
🌥️ सूर्योदय - 05:38
🌥️ सूर्यास्त - 06:53
(समस्त मूहुर्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️तिथि - अमावस्या रात्रि 01:30 मई 17 तक तद्पश्चात प्रतिपदा
🌥️नक्षत्र - भरणी सायं 05:30 तक तद्पश्चात कृतिका
🌥️योग - सौभाग्य दिन 10:26 तक तद्पश्चात शोभन
🌥️राहुकाल - प्रातः 08:57 से दिन 10:36 तक
🌥️दिशा शूल 👉🏻 पूर्व दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 पाताल/आकाश - अशुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 पूर्व
🌥️शिववास: 👉🏻  गौरी के साथ - शुभ रात्रि 01:30 मई 17 तक तद्पश्चात श्मशान में - मृत्युकारक
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:12 से प्रातः 04:55 तक
🌥️अभिजीत मुहूर्त - दिन 11:49 से दिन 12:42 तक
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:54 से रात्रि 12:37 मई 17 तक
⛅व्रत,पर्व आदि विवरण- वट सावित्री व्रत, शनि जयंती, मासिक कार्तिगाई, दर्श अमावस्या, ज्येष्ठ अमावस्या, स्नान.दा.अमावस्या

🔻पद, चरण🔻
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)

2 लू→ भरणी 06:55 AM तक 
3 ले→ भरणी 12:13 PM तक
4 लो→ भरणी 05:30 PM तक
1 अ→ कृत्तिका 10:46 PM तक
2 ई→ कृत्तिका 04:02 AM मई 17 गक्त

🔶 चौघड़िया, दिन 🔶  
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)

काल 05:38 से 07:18 तक हानि  
शुभ 07:18 से 08:57 तक उत्तम  
रोग 08:57 से 10:36 तक अमंगल  
उद्वेग 10:36 से 12:16 तक अशुभ  
चर 12:16 से 01:55 तक सामान्य  
लाभ 01:55 से 03:34 तक उन्नति  
अमृत 03:34 से 05:14 तक सर्वोत्तम  
काल 05:14 से 06:53 तक हानि  

🔶 चौघड़िया, रात 🔶  
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)

लाभ 06:53 से 08:14 तक उन्नति  
उद्वेग 08:14 से 09:34 तक अशुभ  
शुभ 09:34 से 10:55 तक उत्तम  
अमृत 10:55 से 12:15 तक सर्वोत्तम  
चर 12:15 से 01:36 तक सामान्य  
रोग 01:36 से 02:57 तक अमंगल  
काल 02:57 से 04:17 तक हानि  
लाभ 04:17 से 05:38 तक उन्नति      

🌥️विशेष - आमवस्या के दिन स्त्री - सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)

पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी

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