🌞दैनिक पंचांग🌞
🌥️ दिनांक - 18 मई 2026
🌥️ दिन - सोमवार
🌥️ विक्रम संवत् - 2083
🌥️ संवत्सर - विश्वावसु
🌥️ अयन - उत्तरायण
🌥️ ऋतु - ग्रीष्म
🌥️ मास - ज्येष्ठ (अधिक मास)
🌥️ पक्ष - शुक्ल
🌥️ सूर्य राशि - वृषभ
🌥️ चंद्र राशि - वृषभ
🌥️ सूर्योदय - 05:37
🌥️ सूर्यास्त - 06:54
(समस्त मूहुर्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️तिथि - द्वितीया सायं 05:53 तक तद्पश्चात तृतीया
🌥️नक्षत्र - रोहिणी दिन 11:32 तक तद्पश्चात मृगशिरा
🌥️योग - सुकर्मा रात्रि 09:48 तक तद्पश्चात धृति
🌥️राहुकाल - प्रातः 07:17 से प्रातः 08:57 तक
🌥️दिशा शूल 👉🏻 पूर्व दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 आकाश/पाताल - अशुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 दक्षिण
🌥️शिववास: 👉🏻 गौरी के साथ - शुभ सायं 05:53 तक तद्पश्चात सभा में - कष्टकारक
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:12 से प्रातः 04:55 तक
🌥️अभिजीत मुहूर्त - दिन 11:49 से दिन 12:42 तक
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:54 से रात्रि 12:37 मई 19 तक
⛅व्रत,पर्व आदि विवरण- सर्वार्थसिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, रोहिणी व्रत
🔻पद, चरण🔻
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)
3 वी→ रोहिणी 06:16 AM तक
4 वु→ रोहिणी 11:32 AM तक
1 वे→ मृगशीर्षा 04:48 PM तक
2 वो→मृगशीर्षा 10:05 PM तक
3 का→मृगशीर्षा 03:22 AM मई 19 तक
🔶 चौघड़िया, दिन 🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
अमृत 05:37 से 07:17 तक सर्वोत्तम
काल 07:17 से 08:57 तक हानि
शुभ 08:57 से 10:36 तक उत्तम
रोग 10:36 से 12:16 तक अमंगल
उद्वेग 12:16 से 01:55 तक अशुभ
चर 01:55 से 03:35 तक सामान्य
लाभ 03:35 से 05:14 तक उन्नति
अमृत 05:14 से 06:54 तक सर्वोत्तम
🔶 चौघड़िया, रात 🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
चर 06:54 से 08:14 तक सामान्य
रोग 08:14 से 09:35 तक अमंगल
काल 09:35 से 10:55 तक हानि
लाभ 10:55 से 12:15 तक उन्नति
उद्वेग 12:15 से 01:36 तक अशुभ
शुभ 01:36 से 02:56 तक उत्तम
अमृत 02:56 से 04:17 तक सर्वोत्तम
चर 04:17 से 05:37 तक सामान्य
🌥️विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी
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