🌞दैनिक पंचांग🌞
🌥️ दिनांक - 20 मई 2026
🌥️ दिन - बुधवार
🌥️ विक्रम संवत् - 2083
🌥️ संवत्सर - विश्वावसु
🌥️ अयन - उत्तरायण
🌥️ ऋतु - ग्रीष्म
🌥️ मास - ज्येष्ठ (अधिक मास)
🌥️ पक्ष - शुक्ल
🌥️ सूर्य राशि - वृषभ
🌥️ चंद्र राशि - मिथुन रात्रि 10:38 तक तद्पश्चात कर्क
🌥️ सूर्योदय - 05:37
🌥️ सूर्यास्त - 06:55
(समस्त मूहुर्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️तिथि - चतुर्थी दिन 11:06 तक तद्पश्चात पंचमी
🌥️नक्षत्र - आद्रा प्रातः 06:11 तक तद्पश्चात पुनर्वसु प्रातः 04:12 मई 21 तक तद्पश्चात पुष्य
🌥️योग - शूल दिन 02:10 तक तद्पश्चात गण्ड
🌥️राहुकाल - दिन 12:16 से दिन 01:56 तक
🌥️भद्रावास 👉🏻 स्वर्ग में - रात्रि 12:39 मई 20 से दिन 11:06 मई 20 तक
🌥️दिशा शूल 👉🏻 उत्तर दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 आकाश/पाताल - अशुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 पश्चिम
🌥️शिववास: 👉🏻 क्रीड़ा में - सन्ततिकष्ट दिन 11:06 तक तद्पश्चात कैलाश पर - सौख्य
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:11 से प्रातः 04:54 तक
🌥️अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:54 से रात्रि 12:37 मई 21 तक
⛅व्रत,पर्व आदि विवरण- भद्रावास, रवियोग, अधिक विनायक चतुर्थी
🔻पद, चरण🔻
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)
4 छ→ आद्रा 06:12 AM तक
1 के→ पुनर्वसु 11:38 AM तक
2 को→ पुनर्वसु 05:07 PM तक
3 हा→ पुनर्वसु 10:38 PM तक
4 ही→ पुनर्वसु 04:12 AM मई 21 तक
🔶 चौघड़िया, दिन 🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
लाभ 05:37 से 07:16 तक उन्नति
अमृत 07:16 से 08:56 तक सर्वोत्तम
काल 08:56 से 10:36 तक हानि
शुभ 10:36 से 12:16 तक उत्तम
रोग 12:16 से 01:56 तक अमंगल
उद्वेग 01:56 से 03:35 तक अशुभ
चर 03:35 से 05:15 तक सामान्य
लाभ 05:15 से 06:55 तक उन्नति
🔶 चौघड़िया, रात 🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
उद्वेग 06:55 से 08:15 तक अशुभ
शुभ 08:15 से 09:35 तक उत्तम
अमृत 09:35 से 10:55 तक सर्वोत्तम
चर 10:55 से 12:16 तक सामान्य
रोग 12:16 से 01:36 तक अमंगल
काल 01:36 से 02:56 तक हानि
लाभ 02:56 से 04:16 तक उन्नति
उद्वेग 04:16 से 05:36 तक अशुभ
🌥️विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी
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