🌞दैनिक पंचांग🌞
🌥️ दिनांक - 22 मई 2026
🌥️ दिन - शुक्रवार
🌥️ विक्रम संवत् - 2083
🌥️ संवत्सर - विश्वावसु
🌥️ अयन - उत्तरायण
🌥️ ऋतु - ग्रीष्म
🌥️ मास - ज्येष्ठ (अधिक मास)
🌥️ पक्ष - शुक्ल
🌥️ सूर्य राशि - वृषभ
🌥️ चंद्र राशि - कर्क रात्रि 02:08 मई 23 तक तद्पश्चात सिंह
🌥️ सूर्योदय - 05:36
🌥️ सूर्यास्त - 06:56
(समस्त मूहुर्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️तिथि - सप्तमी प्रातः 05:04 मई 23 तक तद्पश्चात अष्टमी
🌥️नक्षत्र - आश्लेषा रात्रि 02:08 मई 23 तक तद्पश्चात मघा
🌥️योग - वृध्दि प्रातः 08:19 तक तद्पश्चात ध्रुव
🌥️राहुकाल - दिन 10:36 से दिन 12:16 तक
🌥️गण्ड मूल 👉🏻 आज दिन-रात (अहोरात्रि) रात्रि 02:09 मई 24 तक
🌥️भद्रावास 👉🏻 मई 23 के प्रातः 05:04 से दिन 04:40 मई 23 तक
🌥️दिशा शूल 👉🏻 पश्चिम दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 पाताल - अशुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 उत्तर
🌥️शिववास: 👉🏻 भोजन में - पीणा प्रातः 05:04 मई 23 तक तद्पश्चात श्मशान में - मृत्युकारक
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:11 से प्रातः 04:53 तक
🌥️अभिजीत मुहूर्त - दिन 11:49 से दिन 12:43 तक
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:54 से रात्रि 12:37 मई 23 तक
⛅व्रत,पर्व आदि विवरण- भद्रावास, गण्ड मूल
🔻पद, चरण🔻
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)
1 डी→ आश्लेषा 08:35 AM तक
2 डू →आश्लेषा 02:23 PM तक
3 डे →आश्लेषा 08:14 PM तक
4 डो→ आश्लेषा 02:08 AM मई 23 तक
🔶 चौघड़िया, दिन 🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
चर 05:36 से 07:16 तक सामान्य
लाभ 07:16 से 08:56 तक उन्नति
अमृत 08:56 से 10:36 तक सर्वोत्तम
काल 10:36 से 12:16 तक हानि
शुभ 12:16 से 01:56 तक उत्तम
रोग 01:56 से 03:36 तक अमंगल
उद्वेग 03:36 से 05:16 तक अशुभ
चर 05:16 से 06:56 तक सामान्य
🔶 चौघड़िया, रात 🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
रोग 06:56 से 08:16 तक अमंगल
काल 08:16 से 09:36 तक हानि
लाभ 09:36 से 10:56 तक उन्नति
उद्वेग 10:56 से 12:16 तक अशुभ
शुभ 12:16 से 01:36 तक उत्तम
अमृत 01:36 से 02:56 तक सर्वोत्तम
चर 02:56 से 04:16 तक सामान्य
रोग 04:16 से 05:36 तक अमंगल
🌥️विशेष - सप्तमी को ताड़ फल खाने से रोग बढ़ता है व शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी
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