Aaj Ka Panchang | Aaj Ki Tithi | आज का पंचांग | आज की तिथि | 30th May 2026

Aaj Ka Panchang | Aaj Ki Tithi | आज का पंचांग | आज की तिथि | 30th May 2026


🌞दैनिक पंचांग🌞

 🌥️ दिनांक - 30 मई 2026
🌥️ दिन - शनिवार
🌥️ विक्रम संवत् - 2083
🌥️ संवत्सर - विश्वावसु
🌥️ अयन - उत्तरायण
🌥️ ऋतु - ग्रीष्म
🌥️ मास - ज्येष्ठ (अधिक मास)
🌥️ पक्ष - शुक्ल
🌥️ सूर्य राशि - वृषभ
🌥️ चंद्र राशि - तुला प्रातः 06:39 तक तद्पश्चात वृश्चिक
🌥️ सूर्योदय - 05:34
🌥️ सूर्यास्त - 06:59
(समस्त मूहुर्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️तिथि - चतुर्दशी दिन 11:57 तक तद्पश्चात पूर्णिमा
🌥️नक्षत्र - विशाखा दिन 01:20 तक तद्पश्चात अनुराधा
🌥️योग - शिव प्रातः 05:25 मई 31 तक तद्पश्चात सिध्द
🌥️राहुकाल - सुबह 08:55 से दिन 10:36 तक
🌥️भद्रावास 👉🏻 दिन 11:57 से रात्रि 01:05 मई 31 तक
🌥️दिशा शूल 👉🏻 पूर्व दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 पाताल - अशुभ दिन 11:57 तक तद्पश्चात पृथ्वी- शुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 उत्तर
🌥️शिववास: 👉🏻  भोजन - पीणा दिन 11:57 तक तद्पश्चात श्मशान में - मृत्युकारक
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:09 से प्रातः 04:52 तक
🌥️अभिजीत मुहूर्त - दिन 11:50 से दिन 12:44 तक
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:56 से रात्रि 12:38 मई 31 तक
⛅व्रत,पर्व आदि विवरण- भद्रावास, रवि योग, पूर्णिमा व्रत

🔻पद, चरण🔻
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)

3 ते→ विशाखा 06:38 AM तक
4 तो→ विशाखा 01:20 PM तक
1 ना→ अनुराधा 08:02 PM तक
2 नी→ अनुराधा 02:45 AM मई 31 तक

🔶 चौघड़िया, दिन 🔶  
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)

काल 05:34 से 07:15 तक हानि  
शुभ 07:15 से 08:55 तक उत्तम  
रोग 08:55 से 10:36 तक अमंगल  
उद्वेग 10:36 से 12:17 तक अशुभ  
चर 12:17 से 01:57 तक सामान्य  
लाभ 01:57 से 03:38 तक उन्नति  
अमृत 03:38 से 05:19 तक सर्वोत्तम  
काल 05:19 से 06:59 तक हानि  

🔶 चौघड़िया, रात 🔶  
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)

लाभ 06:59 से 08:19 तक उन्नति  
उद्वेग 08:19 से 09:38 तक अशुभ  
शुभ 09:38 से 10:57 तक उत्तम  
अमृत 10:57 से 12:17 तक सर्वोत्तम  
चर 12:17 से 01:36 तक सामान्य  
रोग 01:36 से 02:55 तक अमंगल  
काल 02:55 से 04:15 तक हानि  
लाभ 04:15 से 05:34 तक उन्नति  

🌥️विशेष - चतुर्दशी एवं पूर्णिमा के दिन स्त्री - सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)

पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी

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