Aaj Ka Panchang | Aaj Ki Tithi | आज का पंचांग | आज की तिथि | 4th May 2026

Aaj Ka Panchang | Aaj Ki Tithi | आज का पंचांग | आज की तिथि | 4th May 2026


🌞दैनिक पंचांग🌞

🌥️ दिनांक - 04 मई 2026
🌥️ दिन - सोमवार
🌥️ विक्रम संवत् - 2083
🌥️ संवत्सर - विश्वावसु
🌥️ अयन - उत्तरायण
🌥️ ऋतु - ग्रीष्म
🌥️ मास - ज्येष्ठ
🌥️ पक्ष - कृष्ण
🌥️ सूर्य राशि - मेष
🌥️ चंद्र राशि - वृश्चिक
🌥️ सूर्योदय - 05:45
🌥️ सूर्यास्त - 06:47
(समस्त मूहुर्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️तिथि - तृतीया प्रातः 05:24 मई 05 तक तद्पश्चात चतुर्थी
🌥️नक्षत्र - अनुराधा प्रातः 09:58 तक तद्पश्चात ज्येष्ठा
🌥️योग - परिघ रात्रि 11:20 तक तद्पश्चात शिव
🌥️राहुकाल - प्रातः 07:23 से प्रातः 09:00 तक
🌥️भद्रावास 👉🏻 स्वर्ग→दिन 04:12 से मई 05 के प्रातः 05:24 तक
🌥️विछुण्डो 👉🏻 दिन-रात (अहोरात्रि) मई 05 के दिन 12:55 तक
🌥️गण्ड मूल 👉🏻 दिन 09:58 से मई 06 के दिन 03:54 तक
🌥️सर्वार्थसिद्धि योग 👉🏻 प्रातः 05:45 से दिन 09:58 तक
🌥️दिशा शूल 👉🏻 पूर्व दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 आकाश - अशुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 उत्तर
🌥️शिववास: 👉🏻 क्रीड़ा में - सन्ततिकष्ट प्रातः 05:24 मई 05 तक तद्पश्चात कैलाश पर - सौख्य
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:17 से प्रातः 05:01 तक
🌥️अभिजीत मुहूर्त - दिन 11:50 से दिन 12:42 तक
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:54 से रात्रि 12:38 मई 05 तक
⛅व्रत,पर्व आदि विवरण- भद्रावास, विछुण्डो, गण्ड मूल, सर्वार्थसिद्धि योग, अग्नि नक्षत्र प्रारम्भ

🔻पद, चरण🔻
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)

4 ने→ अनुराधा 09:58 AM तक
1 नो→ ज्येष्ठा 04:41 PM तक
2 या→ ज्येष्ठा 11:25 AM तक

🔶 चौघड़िया, दिन 🔶  
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)

अमृत 05:45 से 07:23 तक सर्वोत्तम  
काल 07:23 से 09:00 तक हानि  
शुभ 09:00 से 10:38 तक उत्तम  
रोग 10:38 से 12:16 तक अमंगल  
उद्वेग 12:16 से 01:54 तक अशुभ  
चर 01:54 से 03:32 तक सामान्य  
लाभ 03:32 से 05:10 तक उन्नति  
अमृत 05:10 से 06:47 तक सर्वोत्तम  

🔶 चौघड़िया, रात 🔶  
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)

चर 06:47 से 08:09 तक सामान्य  
रोग 08:09 से 09:32 तक अमंगल  
काल 09:32 से 10:54 तक हानि  
लाभ 10:54 से 12:16 तक उन्नति  
उद्वेग 12:16 से 01:38 तक अशुभ  
शुभ 01:38 से 03:00 तक उत्तम  
अमृत 03:00 से 04:22 तक सर्वोत्तम  
चर 04:22 से 05:44 तक सामान्य                  

🌥️विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)

पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी

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