🌞दैनिक पंचांग🌞
🌥️ दिनांक - 21 अप्रैल 2026
🌥️ दिन - मंगलवार
🌥️ विक्रम संवत् - 2083
🌥️ संवत्सर - विश्वावसु
🌥️ अयन - उत्तरायण
🌥️ ऋतु - ग्रीष्म
🌥️ मास - वैशाख
🌥️ पक्ष - शुक्ल
🌥️ सूर्य राशि - मेष
🌥️ चंद्र राशि - वृषभ दोपहर 01:00 तक तद्पश्चात मिथुन
🌥️ सूर्योदय - 05:54
🌥️ सूर्यास्त - 06:42
(समस्त मूहुर्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️तिथि - पंचमी रात्रि 01:19 अप्रैल 22 तक तद्पश्चात षष्ठी
🌥️नक्षत्र - मृगशिरा रात्रि 11:58 तक तद्पश्चात आद्रा
🌥️योग - शोभन दोपहर 12:31 तक तद्पश्चात अतिगण्ड
🌥️राहुकाल - दिन 03:30 से दिन 05:06 तक
🌥️दिशा शूल 👉🏻 उत्तर दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 आकाश- अशुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 दक्षिण, पश्चिम
🌥️शिववास: 👉🏻 कैलाश पर - सौख्य रात्रि 01:19 अप्रैल 22 तक तद्पश्चात नंदी पर - अभिष्टसिद्धि
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:24 से प्रातः 05:09 तक
🌥️अभिजीत मुहूर्त - दिन 11:52 से दिन 12:44 तक
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:55 से रात्रि 12:40 अप्रैल 22 तक
⛅व्रत,पर्व आदि विवरण- रवि योग, शंकराचार्य जयंती, सूरदास जयंती
🔻पद, चरण🔻
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)
1 वे मृगशीर्षा 07:34 AM तक
2 वो मृगशीर्षा 01:00 PM तक
3 का मृगशीर्षा 06:29 PM तक
4 की मृगशीर्षा 11:58 PM तक
1 कु आद्रा 05:29 AM अप्रैल 22 तक
🔶 चोघड़िया, दिन 🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
रोग 05:54 से 07:30 तक अशुभ
उद्वेग 07:30 से 09:06 तक अशुभ
चर 09:06 से 10:42 तक शुभ
लाभ 10:42 से 12:18 तक शुभ
अमृत 12:18 से 13:54 तक शुभ
काल 13:54 से 15:30 तक अशुभ
शुभ 15:30 से 17:06 तक शुभ
रोग 17:06 से 18:42 तक अशुभ
🔶 चोघड़िया, रात 🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
काल 18:42 से 20:06 तक अशुभ
लाभ 20:06 से 21:30 तक शुभ
उद्वेग 21:30 से 22:54 तक अशुभ
शुभ 22:54 से 24:18 तक शुभ
अमृत 24:18 से 25:41 तक शुभ
चर 25:41 से 27:05 तक शुभ
रोग 27:05 से 28:29 तक अशुभ
काल 28:29 से 29:53 तक अशुभ
🌥️विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। एवं पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी
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