🌞दैनिक पंचांग🌞
🌥️दिनांक - 06 अप्रैल 2026
🌥️दिन - सोमवार
🌥️विक्रम संवत् - 2083
🌥️संवत्सर - विश्वावसु
🌥️अयन - उत्तरायण
🌥️ऋतु - बसंत
🌥️मास - वैशाख
🌥️पक्ष - कृष्ण
🌥️सूर्य राशि - मीन
🌥️चंद्र राशि - वृश्चिक
🌥️सूर्योदय - 06:07
🌥️सूर्यास्त - 06:36 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️तिथि - चतुर्थी दोपहर 02:10 तक तद्पश्चात पंचमी (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️नक्षत्र - अनुराधा रात्रि 02:57 अप्रैल 07 तक तद्पश्चात ज्येष्ठा (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️योग - सिद्धि दिन 03:25 तक तद्पश्चात व्यतिपात (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️राहुकाल - प्रातः 07:41 से प्रातः 09:14 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️सर्वार्थसिद्धि योग 👉🏻 प्रातः 06:07 से रात्रि 02:57 अप्रैल 07 तक
🌥️गण्ड मूल 👉🏻 रात्रि 02:57 अप्रैल 07 से प्रातः 08:48 अप्रैल 09 तक
🌥️दिशा शूल 👉🏻 पूर्व दिशा में
🌥️अग्निवास: 👉🏻 पाताल - अशुभ दिन 02:10 तक तद्पश्चात पृथ्वी - शुभ
🌥️चन्द्र वास: 👉🏻 उत्तर
🌥️शिववास: 👉🏻 कैलाश पर - सौख्य दिन 02:10 तक तद्पश्चात नंदी पर - अभिष्टसिद्धि
🌥️ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:35 से प्रातः 05:21 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️अभिजीत मुहूर्त - दिन 11:57 से दिन 12:47 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
🌥️निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:58 से रात्रि 12:44 अप्रैल 07 तक (नर्मदापुरम मानक समयानुसार)
⛅व्रत, पर्व आदि विवरण - सर्वार्थसिद्धि योग, गण्ड मूल
🔻पद, चरण🔻
(नामकरण हेतु नामाक्षर सूचक)
1 ना→ अनुराधा 06:48 AM तक
2 नी→ अनुराधा 01:30 PM तक
3 नू→ अनुराधा 08:13 PM तक
4 ने→ अनुराधा 02:56 AM अप्रैल 07 तक
🔶चोघडिया, दिन🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
उद्वेग 06:17 से 07:50 तक अशुभ
चर 07:50 से 09:23 तक शुभ
लाभ 09:23 से 10:57 तक शुभ
अमृत 10:57 से 12:30 तक शुभ
काल 12:30 से 14:03 तक अशुभ
शुभ 14:03 से 15:36 तक शुभ
रोग 15:36 से 17:09 तक अशुभ
उद्वेग 17:09 से 18:43 तक अशुभ
🔶चोघडिया, रात🔶
(शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त सूचक समय सारणी)
शुभ 18:43 से 20:09 तक शुभ
अमृत 20:09 से 21:36 तक शुभ
चर 21:36 से 23:03 तक शुभ
रोग 23:03 से 24:29 तक अशुभ
काल 24:29 से 25:56 तक अशुभ
लाभ 25:56 से 27:23 तक शुभ
उद्वेग 27:23 से 28:49 तक अशुभ
शुभ 28:49 से 30:16 तक शुभ
🌥️विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। एवं पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
पञ्चाङ्ग निर्माता पं. श्री दीपेश शास्त्री जी
वेद, पुराण एवं शास्त्रोक्त किसी भी प्रकार की समस्या के निदान हेतु अथवा परामर्श हेतु सम्पर्क करें।

Post a Comment